स्थापना
स्थापना
धनुर्वेदी हिंदू शाही अखाड़ा फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 1950 में गुड़ी पड़वा के पावन पर्व पर हुई थी। पूर्व में अखाड़े का नाम पंजीयन के पूर्व श्री केसरी नंदन व्यायाम शाला था।
प्रमुख आयोजन
अखाड़े द्वारा पहली बार पीथमपुर नगर में रा.रा.म.य एवं संत सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक पूज्य संत, साधु, श्री महामंडलेश्वर एवं धर्माचार्य एक साथ नगरवासियों को पावन सान्निध्य प्रदान करने हेतु पधारे।
उपाधि और मान्यता
इस आयोजन में पूज्य संतों द्वारा अखाड़े के कार्य से प्रभावित होकर इसे हिंदू शाही अखाड़ा की उपाधि से सम्मानित किया गया। तभी से इसे इस नाम से संबोधित किया जाने लगा। बाद में इसे धनुर्वेदी हिंदू शाही अखाड़ा फाउंडेशन नाम से पंजीकृत किया गया।
परिचय
संस्था शासन द्वारा पंजीकृत है संस्था द्वारा कई शासकीय विभागों के साथ संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है प्रमुख रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, नगर विकास प्रस्फुटन समिति आदि के साथ कार्य किया जा रहा हैं इसके साथ संस्था शासन के विभाग जन अभियान परिषद ( योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मध्य प्रदेश शासन) द्वारा नवांकुर समिति में चयनित संस्था है









